भास्कर इंटरव्यू:शब्दों की आत्मा को अहसास की सांसों से जीना ही कविता; ये खुशबू मुट्ठी में बंद नहीं हो सकती https://www.bhaskar.com/rss-feed/1061/ http://ifttt.com/images/no_image_card.png
डॉ. वसीम बरेलवी बता रहे हैं आज क्यों जरूरी है कविता
from देश | दैनिक भास्कर https://www.bhaskar.com/national/news/poetry-is-to-live-the-soul-of-words-with-the-breath-of-realization-this-fragrance-cannot-be-locked-in-the-fist-wasim-barelvi-128343959.html
0 टिप्पणियाँ